Chapter 7: प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है (Programming Language in Hindi)

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो हमारे द्वारा प्रदान की गई सामान्य भाषा को नही समझ सकता है। कंप्यूटर के पास कान तोह होते नहीं के हम उसे कुछ कहें की वह सुन सके और उत्तर दे पाए इसीलिए कंप्यूटर तक अपनी बात रखने का काम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज करती है। कंप्यूटर को कोई भी टर्म समझने के लिए हम पहले से ही लाइब्रेरी तैयार करते हैं।

जिसमे हमारी कोशिश होती है कि ज्यादा से ज्यादा चीजें कंप्यूटर के लाइब्रेरी में इनपुट कर दिया जाय।   इसके लिए विभिन्न प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरुरत होती है।

Page Index:
1.प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है (Programming Language in Hindi)
2.प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है (Programming Language in Hindi)

इस दुनिया में कई प्रकार की बोलियां बोली जाती हैं। इनमे से कुछ लैंग्वेजेज सिर्फ कुछ ही देशों या प्रदेशों तक सीमित हैं। जबकि अंग्रेजी का प्रयोग अंतराष्ट्रीय स्तर पर करा जाता है। इसीलिए कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग के लिए भी अंग्रेर्जी का प्रयोग किया जाता है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को हम एक तरह से भाषा केह सकते हैं। इसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर (software) और प्रोग्राम (program) लिखने के लिए होता है। कंप्यूटर के अंदर आप जितने भी सॉफ्टवेयर देखते हैं वह सब प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के ज़रिये बनाये जाते हैं। जैसे हम इंसानों की भाषा में ग्रामर (grammar) यानि व्याकरण होती है उसी प्रकार प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के लिए उनकी ग्रामर जिसे हम सिंटेक्स रूल्स (syntax rules) कहते हैं होते हैं।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार

1. निम्न स्तरीय भाषाए (Low Level Language)

ऐसी भाषाएँ जिनका प्रयोग कम्प्यूटर में किसी सामान्य कार्य के लिए करते हैं. ये भाषाएँ कम्प्यूटर द्वारा समझी जाने वाली भाषाएँ होती.

मशीनी भाषा:ये एक ऐसी भाषा होती है. जो कम्प्यूटर द्वारा समझी जा सकती है. इस भाषा को प्रयोग करना किसी भी यूजर के लिए बहुत कठिन होता है.
असेम्बली भाषाएँ (Assembly language): असेम्बली भाषाएँ पूरी तरह मशीनी भाषाओँ पर आधारित होती है. परन्तु इसमें बाइनरी संख्याओ  स्थान पर कुछ शब्दों का प्रयोग किया जाता है. जिन्हें MNEMONICS कहा जाता है.

2. उच्च स्तरीय भाषाएँ (high level language)

प्रोग्रामिंग भाषाएँ कप्यूटर की आंतरिक कार्यप्रणाली पर आधारित नही होती है. इनका प्रयोग यूजर द्वारा किसी प्रोग्राम को बनाकर कार्य को करने के लिए किया जाता है.  इन भाषाओँ में विभिन्न प्रकार के अंग्रेजी शब्द और गणितीय फंक्शनो का प्रयोग होता है. उच्च स्तरीय भाषा में लिखे प्रोग्राम कम्प्यूटर नहीं समझ सकता है. इसलिए हमें एक Language Translator की जरुरत होती है. जैसे कम्पाइलर एक बार में ही पुरे प्रोग्राम अनुवाद मशीन भाषा में डाटा लेता है. जबकि इंटर प्रिंटर लाइन बाई लाइन करता है.

प्रमुख उच्च स्तरीय भाषाएँ:
फोर्टन (Fortron):इसका पुर नाम फार्मूला Pranslation हैं. इसका प्रयोग जटिल गणनाये करने के लिए किया जाता है. इसलिए इसे वैज्ञानिक और इंजीनियरों द्वारा प्रयोग मैं लिखा जाता है. इस भाषा का विकाश सन 1957 मैं आई. बी. एम. अमेरिका मैं जॉन बैसक द्वारा किया गया था.
अल्गोल (ALGOL):इसका पूरा नाम algorithmic लैंग्वेज है. इसका अविष्कार मुख्यतः जटिल बीजगणित गणनाओं हेतु किया जाता है इस भाषा मैं प्रयोग इंजीनियरिंग और वैज्ञानिकों द्वारा किया जाता है. इस भाषा का विकाश सन 1958 इंटरनेशनल कम्पनी ने किया था.
कोबोल (COBOL):इसका पूरा नाम common Bussiness oneted language है. इसका प्रयोग commrcial application प्रोग्राम लिखने के प्रयोग में लिया जाता है.
लोगो (Logo): इसका पूरा नाम Logic Oriented Language है. इस भाषा का प्रयोग बच्चों के लिए प्रयोग किया गया है.
पास्कल (PASSAL): इसका विकास सन 1975 में प्रो निकलोस विर्क ने किया था इस प्रोग्रामिंग भाषा का नाम येलेस पास्कल के नाम पर रखा गया है. इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के कार्यो के लिए किया जाता है.
बेसिक (BASIC): इसका पूरा नाम beignners all purpose symbolic Instruction code है. इसका प्रयोग हर प्रकार के कंप्यूटर के लिए होता है. इसका विकाश सन 1964 मैं हार्ड मॉडल कॉलेज अमेरिका के पापस कुर्टज डॉ जॉन केमेनी ने किया था.
प्रोलोग (PROLOG): इसका पूरा नाम प्रोग्रामिंग Logic है. इस भाषा का विकाश 1973 ई. में फ़्रांस में कृत्रिम बुद्धि सम्बन्धित कार्यों को करने के लिए किया गया था.
सी (C): यह प्रोग्रामिंग की सबसे आधुनिक भाषा है. जिसका विकाश A & T LAB में डेनिस, टिची ने सन 1972 में किया था. इस भाषा का प्रयोग करके जटिल से जटिल प्रोग्राम का भाषा का सरल भाषा में लिखने के लिए किया जाता है.
सी ++(C++):इसका विकाश 1980 में बान्न्र स्ट्रास्ट्राय द्वारा अमेरिका की बेंल लेबोरेटरी मैं हुआ था एह एक Object Orientated Programming language है. जिसका प्रयोग यूजर इन्टरफेस पर आधारित प्रोग्राम को लिकने के लिए किया जाता है.
जावा (JAVA): यह एक Object Orientated Programming language है.
पाइथन (Python): यह भी एक बहुत ही पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, यह एक डायनामिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है.

1 . प्रोसीज़रल ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज

Procedural Oriented programming language (POP) इसे स्ट्रक्चर्ड प्रोग्रामिंग से लिया गया है और यह प्रोसीजर कॉल कांसेप्ट पर आधारित है इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में प्रोग्राम को छोटे छोटे procedures (प्रक्रियाओं) में विभाजित किया जाता है . POP लैंग्वेज का सबसे बड़ा फायदा यह होता है की इसकी सहायता से सॉफ्टवेयर डेवलपर को अपने प्रोग्राम के flow को ट्रैक करना आसान होता है और प्रोसीज़रल ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखे हुए Code को डेवलपर अपने प्रोग्राम में अलग अलग तरीकों से पुन: उपयोग भी कर सकता है . C, FORTRAN, Basic, Pascal, आदि . यह कुछ प्रोसीज़रल ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कुछ उदहारण है .

2 . ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज

Object-Oriented Programming (OOP) language ऑब्जेक्ट्स (Objects) पर आधारित एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है इसमें प्रोग्राम्स को छोटे छोटे हिस्सों में विभाजित किया जाता है जिन्हे Objects कहा जाता है . प्रोग्रामिंग की दुनिया में OOP सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला Concept है इसमें इन्हेरिटेंस, पॉलीमॉरफिस्म, अब्स्ट्रक्शन जैसी Object-Oriented कॉन्सेप्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है . OOP की विशेषताओं की अगर बात करे तो यह फ़ास्ट और समझने में काफी आसान होती है . C++, Java, Python, C#, आदि ऑब्जेक्ट ओरिएंट प्रोग्रामिंग के कुछ उदहारण है

3 . नेचुरल लैंग्वेज

Natural Language अंग्रेजी, हिंदी जर्मन और उर्दू जैसी मानव भाषाओं का एक हिस्सा है . इसका उपयोग मशीनों द्वारा मानव की भाषा को समझने, हेरफेर करने और व्याख्या करने के लिए किया जाता है . सॉफ्टवेयर डेवलपर नेचुरल लैंग्वेज का इस्तेमाल विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता है जैसे ट्रांसलेशन , विषय विभाजन आदि . नेचुरल लैंग्वेज का मुख्य लाभ यह है कि यह उपयोगकर्ताओं को किसी भी विषय में प्रश्न पूछने और सेकंड के भीतर सीधे जवाब देने में मदद करता है .

High-level लैंग्वेज के फायदे

  • High-level लैंग्वेज प्रोग्रामर फ्रेंडली होती है
  • High-level लैंग्वेज में प्रोग्राम लिखना , डिबग करना आसान होता है
  • यह एक मशीन स्वतंत्र (machine independent language) लैंग्वेज है
  • हाई लेवल लैंग्वेज सीखने में आसान है
  • इस लैंग्वेज में Errors आने की संभावनाएं कम होती है
  • हाई लेवल लैंग्वेज में Errors को ढूँढना और उन्हें Debug करना आसान होता है
  • High Level की प्रोग्रामिंग के परिणामस्वरूप यह बेहतर प्रोग्रामिंग उत्पादकता होती है .

High-level लैंग्वेज के नुकसान

  • हाई लेवल लैंग्वेज को सोर्स कोड को मशीन कोड में ट्रांसलेट करने के लिए अतिरिक्त समय लगता है
  • High Level लैंग्वेज में लिखे हुए प्रोग्राम्स Low Level के प्रोग्राम्स की तुलना में Slow होते है
  • Low Level की तुलना में High Level लैंग्वेज के प्रोग्राम्स को ज्यादा मेमोरी की आवश्यकता होती है
  • High Level लैंग्वेज Low Level लैंग्वेज की तरह सीधे हार्डवेयर से कम्यूनिकेट नहीं कर सकती .

Middle-level (मिडिल-लेवल) प्रोग्रामिंग लैंग्वेज

मिडिल लेवल लैंग्वेज High-Level और Low-Level के बीच मे स्थित स्थित एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है इसे इंटरमीडिएट (मध्यम) लैंग्वेज भी कहा जाता है . Middle Level लैंग्वेज की सबसे बड़ी विशेषता यह है की यह लैंग्वेज High-Level और Low-Level दोनों लैंग्वेजेज के फीचर्स को सपोर्ट करती है और यह एक यूजर फ्रेंडली लैंग्वेज होती है C और C++ यह दोनों मिडिल लेवल लैंग्वेज के उदहारण है .

सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज

जैसा की हम सब को पता है की आजकल Softwares का इस्तेमाल बैंकिंग , एजुकेशन , हॉस्पिटल्स , ऑटोमोबाइल्स , फाइनेंस जैसी सभी जगहों पर होता है इसलिए इन जगहों पर लगने वाले अलग अलग Softwares की डिमांड भी दिन प्रति दिन बहुत बढ़ती जा रही है , सॉफ्टवेयर डेवेलपर्स भी विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज का इस्तेमाल करके बेहतरीन softwares बनाते है लेकिन क्या आप जानते है की Softwares बनाने के लिए अभी के समय में कौनसी लैंग्वेजेज सबसे ज्यादा यूज़ की जाती है .

आजकल केवल Softwares बनाने के लिए नहीं बल्कि विभिन्न कामों के लिए भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज का इस्तेमाल किया जाता है और दुनिया में दर्जनों प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज उपलब्ध है लेकिन कुछ सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली प्रोग्रामिंग भाषाएँ नीचे दी गई हैं –

  1. Python
  2. Java
  3. C
  4. C++
  5. C#
  6. JavaScript
  7. R
  8. PHP
  9. Go
  10. Ruby
Chapter 5: सॉफ्टवेयर क्या होता है (What is Software in Hindi)Chapter 6: कंप्यूटर हार्डवेयर क्या होता है (What is Computer Hardware in Hindi)

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