पेठा बनाने की विधि तथा उत्पादन वृद्धि से करे अच्छी कमाई

पेठा बनाने की विधि
पेठा बनाने की विधि

पेठा मिठाई आखिर किसे पसंद नहीं होगी बाहर से देखने में जितना खुदरा अंदर से उतना ही मुलायम और रसदार होता है|पेठा मिठाई कई जगह की प्रसिद्ध है फिर भी भारत में आगरा के पेठे की बात ही कुछ और है|पेठे का डिब्बा आज भी बहुत लोकप्रिय मिठाई है|पंछी छाप पेठा बहुत ही प्रसिद्ध है पर क्या आपने कभी सोचा भी है की आखिर ये बनता कैसे होगा क्या ये भी सभी बनने वाली मिठाइयों की ही तरह से बनता है या कुछ अलग तरह से अगर आप भी इसका जवाब जानना चाहते हैं तो हमारा ये लेख आपकी समस्या का हल जरुर देगा|

जो लोग गाँव के रहने वाले हैं उनको तो मालूम होगा की पेठे की मिठाई बहुत ही देसी तरीके से बनाई जाती है|गाँव की  औरतों के लिए तो बहुत ही मामूली सी बात है|गाँव में तो आप इसकों हर दूसरे मकान की छत पर देख सकते हैं क्यूँकि पहले इसकी खेती की जाती है फिर गर्मियों तक ये पूरी तरह से पककर तैयार हो जाता है फिर जो लोग इसे बनाना चाहते हैं वो इसे छीलकर काटकर इसको तैयार कर लेते हैं और फिर अपनी विधि से इसको बनते है|

पेठे के प्रकार

पेठा कई प्रकार से बनाया जाता है

  1. पेठा का फल (Petha Fruit) कद्दू के बराबर बड़ा लौकी के कलर का बनाया जाता है|
  2. सबसे ज्यादा सूखा या सामान्य पेठा (Dry Petha Sweets) का बनाया जाता है|
  3. अंगूरी पेठा (Angoori Petha) जो रस में डूबा रहता है उससे बनाया जाता है|
  4. नारियल पेठा (Na riyal Petha or Coconut Petha) जिसमें नारियल का क्रस डालकर बनाया जाता है|

इसके अतिरिक्त पेठे को अनेकों शेप,रंग व एसेंस मिलाकर भी बनाया जाता है|

पेठा बनाने की विधि, या व्यावसायिक पेठा बनाने की विधि

वैसे तो पेठा मिठाई बहुत ही देसी तरीका से बनाई जाती है पर फिर भी कुछ एक्सपर्ट की राइ से अगर आप इसे बनते हैं तो ये और भी बेहतर तरीके से बनती है|आईये जानते हैं क्या है इसको बनाने की सही विधि :

पेठा फल का बीच का नरम भाग को काटकर पूरा हटा दीजिए|पेठे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इनके छिलके हटा दीजिए|फॉर्क की मदद से सारे टुकड़ों को थोड़ी-थोड़ी दूरी कर लीजिए|एक बर्तन में चूने को मिला दीजिए और पेठे के टुकड़ों को चूने के पानी में डालकर अच्छे से डुबोकर 10 से 12 घंटे के लिए ढककर रख दीजिए|12 घंटे बाद पेठे के टुकड़ों को एक छलनी में डालकर इनको नल के नीचे अच्छे से रगड़-रगड़कर धो लीजिए और पेठे के टुकड़ों को अलग प्लेट में निकलकर रख लीजिए|

पेठा उबालने के बर्तन में 2 लीटर पानी डालकर इसको ढककर उबलने रख दीजिए|पानी में उबाल आने पर इसमें पेठे के टुकड़े डाल दीजिए|पानी में फिर से उबाल आने के बाद पेठे को तेज आंच पर पूरे 20 मिनट तक उबलने रख दीजिए|20 मिनट उबलने के बाद पेठा पारदर्शक दिखने लगे तब इसे पहले किसी बर्तन पर रखी छलनी पर डाल दीजिए ताकि इसमें से अतिरिक्त पानी निकल जाए और अच्छे से पानी निचुड़ने के बाद प्लेट में रख दीजिए|

चाशनी बनाने की विधि

चाशनी बनाने के लिए बर्तन में चीनी और 3 कप पानी डाल दीजिए और चीनी को पानी में घुलने तक पकने दीजिए|  थोड़ी-थोड़ी देर में इसे चमचे चला लीजिए|चीनी के पानी में घुलते ही पेठे के टुकड़े इसमें डाल दीजिए और तेज आग पर पेठे की चाशनी क़ो गाढ़े होने तक पकाएं|बीच-बीच में चमचे से इसे चला लीजिए|चाशनी के गाढे होने पर चमचे से चाशनी की बुंदें गिराकर देखिए आखिरी बूंद तार के रूप में निकल रही है तो चाशनी बनकर तैयार है|

चाशनी के बर्तन को उतारकर रख दीजिए और इसे ठंडा होने दीजिए| पेठे के टुकड़ों को चाशनी में 12 घंटे या रात भर रहने दीजिए|12 घंटे बाद पेठे का रस निकलने पर चाशनी पतली लग रही है तो इसे गाढ़ा करने के लिए तेज आंच पर पकाने रख दीजिए|थोड़ी-थोड़ी देर में चाशनी को चलाते रहिए|चाशनी के अच्छी गाढ़ी होने पर पेठे का रंग और टेक्सचर भी बदल जाता है|चाशनी को गिराकर देखें तो यह काफी गाढ़ी है और यह तैयार है|

बर्तन को उतारकर जाली स्टेन्ड पर रख लीजिए और पेठे को ठंडा होने दीजिए|पेठे को सुखाने के लिए एक थाली के ऊपर प्याली और उसके ऊपर एक जाली रखिए ताकि पेठे से अतिरिक्त चाशनी निकलकर थाली पर आए और पेठे को ऊपर और नीचे दोनों तरफ से हवा लगे और ताकि यह जल्दी सूख जाए|जाली पर पेठा लगा दीजिए और पेठे को सूखने के लिए पंखे की नीचे 3 घंटे सूखने रख दीजिए|3 घंटे बाद पेठा स्टोर करने के लिए तैयार है अगर आप इसे लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं तो इसे ज्यादा देर के लिए लगभग 1 दिन और 1 रात पंखे की हवा में छोड़ दें|पेठे को किसी भी कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और पूरे 2 महीने तक मज़े से खाइए|

सुझाव

पेठा बनाने के लिए एकदम पका पेठा लें|इसकी पहचान है कि इसके बीज में मिगी आ जाती है और पेठा ऊपर से दिखने में हल्का सफेद लगता है|पेठा उबालने के लिए बर्तन में पानी इतना लें कि पेठे के टुकड़े उसमें आसानी से डूबकर उबल सकें|चाशनी को चलाने का बराबर ध्यान रखें और आंच तेज रखें|

बची हुई चाशनी में 10 से 12 नींबू का रस डाल लीजिए और इसे शर्बत की तरह इस्तेमाल कर लीजिए|आप अगर चाहे तो पेठा बनने के बाद चाशनी में अपने स्वाद के अनुसार इसमें कोई भी फ्लेवर, एसेन्स या कलर डाल सकते हैं|

माल को कहाँ बेचें

देखिये ये एक मिठाई है अगर आप इसे बनाकर बेचना चाहते हैं तो ये बहुत ही लाभप्रद साबित होगा इसके लिए आप किसी भी मशहूर स्वीट्स कार्नर से लेकर कई मशहूर ब्रांड्स तक को अपना माल बेच सकते हैं|आप चाहें तो इसका कच्छा माल तैयार करके भी आप बेच सकते हैं कई प्रसिद्ध मिठाई वाले इसका कच्छा माल तैयार करवाकर खरीदते भी हैं|आप इसके लिए भी अगर चाहें तो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से इसकी खेती करके आप माल तैयार करके भी दे सकते हैं यकीन मानिए आप बहुत लाभ कम सकते हैं या फिर आप चाहें तो अपना खुद का ब्रांड तैयार करके भी इसको बेच सकते है आपको इसमें भी बहुत लाभ मिलेगा|

आप इसे कई ऑनलाइन ग्रोसरी बेचने वाली कम्पनी से बात करके अपना माल होलसेल या रिटेल दोनों ही माध्यम से बेच सकते हैं|

पेठा बनाने की विधि से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न

प्रश्न: पेठा बनाने की ट्रेनिंग कहाँ दी जाती है? 

उत्तर: पेठा बनाने की विधि आप ऑनलाइन सीख सकते हैं, पेठा बनाने की विधि से जुड़ी सभी जानकारी हमारे इस पोस्ट में विस्तार से दी गयी है।

प्रश्न: सफेद पेठा में फास्फोरस कोंटेंट कितना होता है?

उत्तर: पेठा में  मिलने वाली मुख्य पोषक तत्व निम्न हैं-

आर्द्रता 94.8, प्रोटीन 0.5, वसा (ईथर निष्कर्ष) 0.1, कार्बोहाइड्रेट 4.3, खनिज पदार्थ 0.3, कैल्सियम 0.1, फास्फोरस 0.3% लोहा 0.6 मि.ग्रा./, 100 ग्र. विटामिन सी, 18 मिग्रा. या 100 ग्रा.।

आशा करते है पेठा की विधि से जुड़ी यह लेख आपको पसंद आयी होगी।अपने किसान भाईयों को जागरूक कर स्वरोज़गार मुहैया कराने हेतु शुरुवात की गयी इस मुहीम से जुड़े रहने के लिए हमें सब्सक्राइब करना न भूले।इसी तरह की जानकारी पाने के लिए एडुफ़ीवर ग्रामीण शिक्षा को अपना सहयोग दें। पेठा की खेती के उत्पादन से जुड़ी किसी भी तरह की समस्याओं के समाधान हेतु नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करना न भूले।

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फोटो साभार: khanakhazana

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