मोती की खेती: कैसे करें, कितना मुनाफ़ा है, इसके अदभुद फायदे, कितने क़िस्म होते हैं, अनुकूल जलवायु इत्यादि

क्या आप जानते हैं की जिस मोती को हम लोग माला बनाकर पहनते है|उसकी भी खेती की जाती हैं|जी हाँ आपको ये सोचकर ताजुब होगा की मोती की खेती भी संभव है क्या|अगर आप सोंच रहे हैं की ये कैसे मुमकिन है तो हमारा लेख आपको सब अधूरी जानकारी को पूर्ण कर देगा|आप केवल हमारा ये लेख ध्यानपूर्वक पढ़ें|मोती एक नेचुरल जेम्स है जो की सिप के द्वारा पैदा होता है|मोती दूसरे अन्य रत्नों के मुकाबले देखने में जयादा आकर्षक लगता है|

मोती की डिमाण्ड पुरे विश्व में है और इसकी डिमाण्ड दिन बा दिन बढती ही जा रही है| नेचुरल मोती का विकास तब होता है जब किसी मोती के अंदर किसी तरह का किट कंकड़ चला जाता है और मोती उसे बाहर निकल नहीं पाते है और उस पर चमकीला परत जमने लगती है| इस तरह से एक प्राकृतिक रत्‍न का निर्माण होता है|मोती को प्राकर्तिक रत्न का दर्जा दिया गया है इसलिए इसे कीमती गहने के रूप में भेंट भी की जाती है|रामायण से लेकर महाभारत तक सभी में इसका जिक्र होता है क्यूंकि ये पुराने समय से ही कीमती रत्न बना हुआ है|पुराने समय में जब भी राजा महराजा खुशियाँ बांटते थे तो उपहार के रूप में मोतियों की माला भेट किया करते थे इसलिए आज के समय में भी इसका महत्व बना हुआ है|

खेती करने का सहीं तरीका

सबसे पहले एक साफ़ तालाब का निर्माण करें|उसके बाद उस साफ़ तालाब को साफ़ पानी से भरें उसके बाद उसमें मोती पालन के लिए सही मोती का चुनाव करें क्यों की मोती की खेती सीपों के माध्यम से ही की जाती है|इसलिए सही सीपों का ही चुनाव करें अन्यथा बाद में समस्या उत्पन्न हो सकती है|

तालाब का निर्माण करने से पूर्व मिटटी की जांच अवश्य करा लें|इससे आपको ये मालुम हो जाएगा की मोती की खेती के लिए जगह का चुनाव ठीक है की नहीं|आपको ये भी मालूम होना चाहिए की सीपों का पालन किस प्रकार से किया जाना चाहिए|सही जानकारीं से ही आप इस खेती को कारगार बना सकते हैं अन्यथा बाद में समस्या आ सकती हैं|

मोती की देखभाल के लिए उपयोगी कदम

सबसे पहले तो तालाब को पूरी तरह से सुरक्षित बना लें ताकि आगे दिक्कत ना हो उसकी सुरक्षा करनी होगी नहीं तो चोरी की समस्या भी बन सकती है|

मोती की देखभाल किस प्रकार करनी है

आईये अब जानते हैं की किस प्रकार से देखभाल कर सकते है

सबसे पहले तो मोती को nylon के bag में 10 दिन तक इन्हें antibiotic और natural feed पर रखा जाता है| कई बार antibiotic के लिए थोडा सा हल्दी का प्रयोग किया जाता है|रोजाना इन मोती  का inspection किया जाता है और जो मोती मर जाते है उनके body से Nucleus को निकल कर सिप को bag से बाहर निकाल देते है|

भारत में मोती की खेती की स्थिति

भारत को पूरी दुनिया में सबसे बेहतरीन ‘Oriental Pearls’ के लिए जाना जाता था जिसका डिमाण्ड पूरे विश्व में था|हालकि भारत में प्राकृतिक मोतियों को बनाना तथा इसकी खेती करना भारत में चार दशक पहले बंद कर दिया गया था इसलिए भारत आज अपने घरेलु मांग को पूरा करने के लिए International Markets से हर साल मोतियों को आयात करता है|भारत प्रमुख आयातकों में एक है जो की हर साल US $ 4 million के मोतियों को आयात करता है| भारत में Gulf of Manner, Andaman and Nicobar Islands  और Gulf of Kutch में मोतियों की खेती की जाती है|

मोती उत्पादन

मोतियों के उत्पादन करने से पहले इसके सही तरीके के बारे में जानकारी होना जरुरी है नहीं तो उत्पादन में भारी कमी आ सकती है|इससे बचने के लिए जरुरी है की आपको सही जानकारी होना चाहिए जो की निम्न है :

1 .सीपों का एक्त्रिकर्ण : सबसे जरुरी है की सभी मोती को एत्रिकरण कर लें आसपास के सभी नदियों तालाबों में से जाकर सभी मोती को एक जगह पर एक्र्त्रित कर लें मछुवारों से एक कीमत तय कर लें ताकि वो मोती को सीधे आप तक पहुंचा दें|इससे आपको सभी प्रकार की मोती प्राप्त हो जयेगे|

2.सीपों का शुधिकर्ण : जमा किये गए सभी मोती को कम से कम 2 से 3 दिन तक पानी में रखें इससे उनकी मॉस पेशियाँ ढीली हो जाएँगी और सभी एक आकार में भी आ जाएगी|यदि सर्जरी की आवश्यकता है तो सर्जरी भी करें|

सर्जरी करने का सही तरीका

मोती की सर्जरी तीन प्रमुख तरीके से की जानी चाहिए इससे उनको कम नुक्सान होगा|सर्जरी करते समय ध्यान दें की अगर आप इनकी सर्जरी करतें हैं तो किन भागों पर इसको किस प्रकार से करनी चाहिए :

1 .सतह के केंद्र में :  इस प्रक्रिया में Surgical instruments की मदद से 4 से 6 mm साइज के फ्रेम बना कर मोती के सतह को अलग कर के उसके अंदर इन फ्रेम को रखा जाता है | इस सर्जरी में यह कोशिश किया जाता है की डिज़ाइन वाले हिस्से को सरफेस के ओर रखा जाए फिर उसमे थोडा स्पेस छोड़ कर मोती  को बंद कर दिया जाता है| इसको करते समय बहुत ही सावधानियां बरतनी चाहिए|

2 .कोशिकाओं की सर्जरी : इस प्रक्रिया में सीपो को दो भागो में (दाता और प्राप्तकर्त्ता कौड़ी) में बाटा जाता है |पहले स्टेप  में मोती के सेल्ल में छोटी छोटी हिस्सों में कलम किया जाता है | इस सर्जरी में मोती के किनारे पर सतह के एक पट्टी बनाई जाती है| इसमें 2/2 mm के दो छेद कर के इसके अंदर डिज़ाइन वाले फ्रेम को डाल कर इसे बंद किया जाता है |इसे भी बड़ी सावधानी पूर्वक करनी चाहिए|

3 .प्राइवेट पार्ट्स की सर्जरी : इस प्रक्रिया में भी मोती को कलम किया जाता है|इस प्रक्रिया में मोती के प्रजनन अंगो के किनारे को हल्का काट कर 2-4 mm का Nucleus को डाला जाता है| Nucleus को इस तरह से डाला जाता है कि Nucleus और कलम दोनों एक साथ आपस में जुड़े रह सकें|सर्जरी करते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है की न्यू‍क्लीयस कलम के बाहरी हिस्से से संपर्क करता रहे|यदि आप इस प्रकार से ध्यानपूर्वक मोती की सर्जरी करते हैं तो इससे आप अपनी उत्पादन की क्षमता को बढ़ा भी सकते हैं|

मोती को किस प्रकार से निकालें

जितना जरुरी मोती का उत्पादन है उतना ही जरुरी सीपों में से मोतियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया भी है इसे भी बड़ी सावधानी पूर्वक करना चाहिए आईये जानते हैं कैसे :

सीपों  के pan अवधि 1.6 year से ले कर 2 साल तक होती है, और इसके पूरा होने पर सीपो को तालाबो से निकाल कर,उनके कोशिका या प्रजनन अंगो से मोती को निकाला जाता है|

माल को कहाँ बेचना चाहिए

मोती को बेचना बेहद आसन है क्यूंकि इसकी मांग बहुत अधिक है अगर आप इसको बेचना चाहते हैं तो आपको बता दें की इसकी खेती करने के लिए किसानों को एडवांस तक दिया जाता है और यहाँ तक की इसकी खेती भी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत आप कर सकते हैं|अगर आप खुद से इसकी खेती करके इसका उत्पादन लेना चाहते हैं तो भी आप सीधे तौर पे इसे बेच कर अच्छा मुनाफा कम सकते हैं|

इसको बेचने के लिए आप इनके व्यापारियों से सीधे बात करके अपनी कीमतों के अनुसार  भी बेच सकते हैं और इससे अच्छा लाभ भी कम सकते हैं या अगर आप चाहें तो सीधे तौर पर बेबाक किसान से जुड़कर भी अपना माल बेच सकते हैं और उस पर अच्छा लाभ भी कमा सकते हैं|

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