सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट के लिए करें यह बेहतरीन कोर्सेज कमाए अच्छा मुनाफा।

सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट

सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट: आजकल नौकरी पाना किसी भी कंपटीशन से कम नहीं है। जिस तरह पूरी दुनिया में नवयुवकों के लिए अपनी काबिलियत कौशल-सेट, प्रतिभा और रुचि के मुताबिक नौकरी ढूंढना काफी मुश्किल है। ठीक इसी तरह हमारे देश में भी यही समस्या चल रही है। हाल ही में एक अनुमान के मुताबिक भारत में वर्ष 2007 से 2017 के दौरान बेरोजगारी की दर 3.52% रही है।

सोशल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (सीएसडीओ) दिल्ली

बेरोजगारी के तंगी से परेशान नवयुवक की मुश्किलों को दूर करने के लिए क्राफ्ट एंड सोशल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (सीएसडीओ), दिल्ली तथा अन्य कई संस्थाओं ने बहुत से सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट कोर्सेज (Self Employment Courses) ऑफर (Offer) करना शुरू कर दिया है। छात्र उम्मीदवार इन सभी कोर्सों को किसी भी समय और बड़ी आसानी से शुरू कर सकता है। हम आपको बता दें कि आप अपना कारोबार काफी कम कैपिटल में शुरू कर सकते हैं। सीएसडीओ के माध्यम से नवयुवक सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट के लिए कई उपयोगी कोर्सेज कर सकते हैं।

जैसे :-

  • हैंड मेड कॉस्मेटिक (Handmade Cosmetics)
  • चॉकलेट मेकिंग (Chocolate Making)
  • बॉक्स मेकिंग (Box Making)
  • गिफ्ट पैकेजिंग (Gift Packaging)
  • फ्लावर मेकिंग (Flower Making)
  • बेकरी (Bakery)
  • शॉप मेकिंग (Shop Making)
  • सोए वैक्स कैंडल मेकिंग ( Soya Wax Candle Making)

यह सभी प्रकार के कोर्सेज काफी किफायती हैं। और इसको लगभग हर एक व्यक्ति अपनी जरूरत के मुताबिक इन कोर्सों की टाइमिंग को अर्जेस्ट कर सकता है। इन सभी कोर्सेज को कराने के साथ-साथ उम्मीदवारों को एक्स्ट्रा सपोर्ट (Extra Support) जैसे कि कंजूमर (Consumer) को समझाना सप्लायर्स और डिस्ट्रीब्यूटर के कांटेक्ट डिटेल (Contact Details) सहित कारोबार शुरू करने हेतु लगने वाली लागत, इनकम (Income) आदि उपलब्ध कराई जाती है।

सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट करें यह निम्नलिखित प्रकार की डिग्रियां

इस लेख के माध्यम से हम भारत के विभिन्न ने विश्वविद्यालयों कॉलेजों और इंस्टीट्यूट के द्वारा ऑफर किए जा रहे है। कुछ ऐसे विशेष डिग्री कोर्सेज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिससे आप संबंध क्षेत्र में अपना कारोबार बहुत ही आसानी तरीके से शुरू कर सकते हैं। यदि आप कहीं पर इन कोर्सों को करने के बाद नौकरी भी करते हैं तो वह सेल्फ एंप्लॉयड (Self Employed) रूप के समान ही रहेगा।

यह है कुछ निम्नलिखित सेल्फ एंप्लॉयड डिग्री कोर्सेज –

1. एग्रीकल्चर में बैचलर डिग्री :-

यदि हमारे देश में कोई भी छात्र उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, कॉलेज या इंस्टीट्यूट से एग्रीकल्चर में बैचलर डिग्री कोर्स को पूरा कर लेता है, तो वह व्यक्ति एग्रीकल्चर (Agriculture) से संबंधित सभी क्षेत्र में अपनी पसंद के मुताबिक कार्य कर सकता है। उम्मीदवार एग्रीकल्चर से संबंधित किसी भी फर्म (Farm) या कंपनी (Company) में एग्रीकल्चर मैनेजर के तौर पर कार्य कर सकता है इस डिग्री को हासिल करने के पश्चात लगभग 70% व्यक्ति सेल्फ एंप्लॉयड (Self Employed) होते हैं।

योग्यता –

इस कोर्स को करने के लिए 12वीं में साइंस साइड से पास होना आवश्यक है।

2. आर्ट्स में बैचलर डिग्री :-

यदि उम्मीदवार किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (Bachelor of Fine Arts) की डिग्री हासिल कर लेता है, तो वह डिजाइन, पेंटिंग, फोटोग्राफी, प्रिंट मेकिंग, स्कल्पटिंग और डिजिटल डिजाइनिंग से संबंधित अपना कोई भी कारोबार शुरू कर सकते हैं। इस डिग्री को हासिल करने के बाद अनुमानित लगभग 50% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू कर लेते हैं। उम्मीदवार किसी भी म्यूजियम (Museum) या फिर आर्ट्स (Arts) से संबंधित किसी भी क्षेत्र में किसी कंपनी या इंस्टिट्यूट में आर्ट डायरेक्टर, एनिमेटर, या फिर मल्टीमीडिया आर्टिस्ट की नौकरी कर सकता है।

योग्यता –

इस डिग्री को हासिल करने के लिए आपको 12वीं उत्तरण होना आवश्यक है। कुछ संस्थाएं इस कोर्स में डिप्लोमा डिग्री (Diploma Degree) ऑफर भी करती हैं। जिसे आप 10वीं के बाद कर सकते हैं।

3. मोर्चरी साइंस में डिग्री हासिल करें :-

मोर्चरी साइंस (Mortuary Science) में डिग्री प्राप्त करने के पश्चात आप किसी भी व्यक्ति की डेड बॉडी को अंतिम संस्कार या मेमोरियल सर्विसेज ब्यूरियल्स (Memorial Services Burials) के लिए तैयार करने के लिए टेक्निकल स्किल (Technical Skill) हासिल कर सकते हैं। इस जगह को प्राप्त करने के पश्चात अनुमानित 50% उम्मीदवार अपना कारोबार शुरू कर देते हैं। यदि उम्मीदवार चाहे तो एक फनरल सर्विस मैनेजर (Funeral Service Manager) या फनरल डायरेक्टर (Funeral Director) के तौर पर भी काम कर सकता है।

4. एक्सरसाइ फिजियोलॉजी :-

इस समय एक्सरसाइज और फिजियोलॉजी के क्षेत्र में बहुत ही तीव्रता से इसके विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है। यदि इस विषय में उम्मीदवार अपनी डिग्री हासिल कर लेता है, तो उसे स्टूडेंट स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट, फिटनेस, सर्टिफाइड क्लीनिक एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट या रजिस्टर क्लीनिक एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट (Register Clinic Exercise Physiologist) के रूप में नौकरी या फिर अपना कारोबार स्वयं शुरू कर सकता है। इस डिग्री को हासिल करने के पश्चात लगभग 50% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू कर देता है।

योग्यता –

एक्सरसाइज में फिजियोलॉजी की डिग्री (Degree) हासिल करने के लिए कम से कम उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में स्नातक की डिग्री होनी आवश्यक होती है।

5. म्यूजिक :-

यदि उम्मीदवार का रुझान म्यूजिक में है, तो इस क्षेत्र में वह इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक (Instrumental Music) या सिंगिंग (Singing) में डिग्री हासिल करके इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक या सिंगिंग खुद ही इस विषय से संबंधित छात्रों को सिखा सकता है। यदि उम्मीदवार चाहे तो लाइव म्यूजिक परफारमेंस (Live Music Performance) अपना डीजे (DJ), आर्केस्ट्रा (orchestra) का कारोबार शुरू कर सकता है। इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद अनुमानित व्यक्ति 50% से लेकर 40% के बीच अपना कारोबार शुरू कर देता है। उम्मीदवार चाहे तो किसी म्यूजिक कंपनी (Music Company) में म्यूजिक डायरेक्टर (Music Director) या मैजिशियन (Magician) की नौकरी कर सकता है।

योग्यता –

हालांकि इस क्षेत्र में प्रवेश पाने के लिए किसी भी विशेष प्रकार की योग्यता की आवश्यकता नहीं पड़ती। परंतु यदि छात्र चाहे तो 12वीं के बाद इस क्षेत्र में किसी भी पाठ्यक्रम के लिए अपना दाखिला करा सकता है।

6. साइकोलॉजी में डॉक्टोरल डिग्री :-

क्षेत्र में उम्मीदवार डिग्री हासिल करके सेल्फ एंप्लॉयड साइकोलॉजी (Self Employed Psychologist) मानसिक रोगों का इलाज कर सकता है। परंतु ध्यान रखने वाली बात यह है, कि इस पेशा के लिए उपयोग अथॉरिटी (Authorities) से लाइसेंस (Licence) जरूर प्राप्त करना चाहिए। इस क्षेत्र में डिग्री हासिल करने के पश्चात उम्मीदवार अपना खुद का क्लीनिक खोल सकता है। इस डिग्री को हासिल करने के बाद लगभग 33% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करते हैं। इसी तरह विभिन्न प्रकार की कंपनियों और फर्मों (Firms) में साइकोलॉजिस्ट एंप्लॉयड (Psychologist Employed) की मानसिक समस्याओं का समाधान करने के साथ ही एंप्लाइज (Employed) का मोरेल (Morel) बढ़ाने की तरकीब बताना एंप्लाइज को जरूरी सलाह दी प्रदान करने के लिए ऐसे लोगों को बहुत महत्वपूर्ण भूमिका के तौर पर नौकरी प्रदान किया जाता है।

योग्यता –

इस क्षेत्र में उम्मीदवार को डिग्री हासिल करने के लिए 12वीं में कम से कम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

7. डॉक्टर ऑफ़ चिरोप्रेक्टिक (डीसी) :-

इस पाठ्यक्रम को पूरा करने वाला उम्मीदवार डॉक्टर स्पाइनल एडजस्टमेंट (Doctor Spinal Adjustment) की कला में निपुण होते हैं, 4 वर्षों की समयावधि वाला कोर्स है। इसमें छात्रों को चिरौप्रैक्टिक टेक्निक्स (Chiropractic Techniques) को प्रैक्टिकल के तौर पर प्रयोग करना सिखाया जाता है। यह सभी चिरौप्रैक्टर्स (Chiropractors) आमतौर पर पेशेंट की सुविधा के अनुसार अपॉइंटमेंट (appointment) फिक्स करते हैं। यह डिग्री (Degree) प्राप्त करने के बाद लगभग 33% व्यक्ति अपना खुद का कारोबार शुरू कर देते हैं।

योग्यता –

इस पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार को 12वीं में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और विज्ञान के साथ 50% अंकों से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

8. हॉस्पिटैलिटी :-

यदि आप पर्यटन के क्षेत्र में काम करना चाहते हैं और अपने नेतृत्व कौशल को भी निकालना चाहते हैं। तो आप हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (Hospitality Management) का कोर्स करके अपने सफल करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इस डिग्री को हासिल करने के पश्चात आप पर्यटन से जुड़े संबंधित क्षेत्र में कई नौकरी कर सकते हैं। हॉस्पिटैलिटी में डिग्री हासिल करके आप लांचिंग मैनेजर (Launching Manager) और फूड सर्विस मैनेजर (Food Service Manager) के तौर पर अपने उज्जवल भविष्य की शुरुआत कर सकते हैं। यह डिग्री हासिल करने के पश्चात लगभग 33% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू कर देते हैं।

योग्यता –

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उम्मीदवार को 12 वीं पास होना आवश्यक है।

9. इंटीरियर डिजाइन :-

यदि उम्मीदवार इस क्षेत्र में डिग्री हासिल कर लेता है, तो वह इंडोर स्पेस (Indore space) को डेकोरेट करने के साथ ही उस स्पेस (Space) के बेहतरीन इस्तेमाल के लिए सारी व्यवस्था करने में कुशलता प्राप्त कर लेता है। इसमें पेशेवर बनने के पश्चात व्यक्ति रेजिडेंशियल (Residential) और कमर्शियल (Commercial) क्षेत्रों में अपना हुनर दिखाते हैं। क्षेत्र में कुशलता प्राप्त करने के पश्चात लगभग 25% व्यक्ति अपना कारोबार शुरू करता है।

योग्यता –

इस कोर्स को करने के लिए उम्मीदवार को किसी भी विषय में 12वीं पास होना अनिवार्य है। यदि उम्मीदवार 12वीं पास है, तो वह इस कोर्स (Course) के लिए आवेदन कर सकता है।

कुछ अन्य महत्वपूर्ण डिग्री कोर्सेज की सूची :-

कुछ प्रमुख सेल्फ एंप्लॉयड जॉब की सूची :-

हमने आपके लिए कुछ प्रमुख सेल्फ एंप्लॉयड जॉब की सूची तैयार की है जो निम्नलिखित हैं।

  • उबर/ ओला ड्राइविंग
  • ग्रोसरीज डिस्ट्रीब्यूशन
  • चाइल्ड केयर
  • सोशल मीडिया एडवाइजर
  • वीडियो प्रोडक्शन
  • वेब डिजाइनिंग
  • इंटीरियर डेकोरेशन
  • रिज्यूम/ सीवी राइटिंग
  • फ्रीलांस राइटिंग
  • ब्लॉगिंग
  • लाइफ कोचिंग
  • इवेंट कोआर्डिनेशन
  • प्रोफेशनल स्पीकिंग
  • एल्डर केयर
  • कंसल्टिंग
  • रिपेयर वर्क
  • एजुकेशनल ट्यूशन
  • म्यूजिक/ डांस ट्यूशन
  • ई-कॉमर्स
  • सेल्स परचेज

महत्वपूर्ण:

उपयुक्त प्रकार के सेल्फ एंप्लॉयड कोर्सेज (Self Employed Courses) करने के बाद कोई भी उम्मीदवार किसी भी कंपनी या फिर फर्म में जॉब कर सकता है। आपके संबंधित कोर्स (Course) के जॉब क्षेत्र में मार्केट रेट के मुताबिक सैलरी पैकेज (Salary Package) मिलता है। परंतु अगर आपने अपने स्वयं का कारोबार शुरू कर दिया तो आपकी कमाई की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती यह अधिक या फिर कम भी हो सकती है।

सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्र

सेल्फ एम्प्लॉइमन्ट की अधिसूचना से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए, नीचे दिए गए टिप्पणी बॉक्स पर टिप्पणी करें। हमारे विशेषज्ञ आपको परीक्षा के लिए सर्वश्रेष्ठ तैयारी की रणनीति बनाने में मदद करेंगे।

इसे भी पढ़ें: List of Medical Colleges in India 2019-20 (State Wise)

शुभकामनाये!!

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