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अब विदेशी यूनिवर्सिटी से करे पीएचडी, पीएम यंग अकेडमिशन योजना का खाका हुआ तैयार!

पीएम यंग अकेडमिशन योजना के तहत अब भारत के छात्रो को सरकारी खर्चे पर विदेश से पीएचडी करने का सुनहरा अवसर मिल सकता है. इसके तहत स्टूडेंट्स को पीएचडी करने पर केंद्र सरकार ने स्कोलरशिप का भी प्रावधान किया है. जिसमे स्टूडेंट्स को टॉप की यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कुछ विशेष शर्ते भी रखी है. इसमें स्टूडेंट्स को पांच साल तक विदेशी यूनिवर्सिटी में पढाई पूरी करनी होंगी और बाद में उन्हें डिग्री पूरी होने के बाद भारत में ही सेवाए देनी होंगी. आइए जानते है पीएचडी के बारे में कुछ खास बाते- 

पीएम यंग अकेडमिशन योजना

अगर आप विदेश में पीएचडी करना चाहते है तो आपको बता दे कि इस योजना का लाभ मैरिट लेवल स्टूडेंट ही ले सकेंगे।इसके तहत आपको आपके मेरिट के अनुरूप अपॉइंटमेंट दिया जायेगा अगर आप इस अपॉइंटमेंट में पास हो जाते है तो आपको भी विदेश से पीएचडी करने का अवसर मिल सकता है. इस योजना के तहत दुनियाभर की 200 रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों को पीएचडी कार्यक्रमों में पढ़ाई करने का मौका दिया जाएगा।

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डिस्टिंगग्विश्ट अकेडमिशन रिटर्न योजना

केंद्र सरकार द्वारा भारत में उच्च शिक्षा की गुणवता में सुधार हेतु मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने डिस्टिंगग्विश्ट अकेडमिशन रिटर्न योजना की भी शुरुवात की है. इसके तहत अब विदेशो में बसे शिक्षको को भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ने का प्रावधान किया गया है. साथ ही हर साल में तीन महीने के लिए चयनित फैकल्टी या साइंटिस्ट को भारत में रहकर सेवाए भी देनी होंगी. इन सेवाओं से मुख्य रूप से शोध और अनुसंधान पर काम करने वाले प्रोग्राम को बल मिलेगा। इसके अलावा सरकार ज्वाइंट डिग्री व ज्वाइंट पीएचडी भी लागु करने जा रही है जिसमे स्टूडेंट्स को उच्च गुणवता की शिक्षा मिल सकेगी.  

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